:
Breaking News

दरभंगा में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पांच घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र में एक युवक झूठे केस और जमीन विवाद से परेशान होकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। करीब पांच घंटे बाद प्रशासन ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा।

दरभंगा/आलम की खबर: दरभंगा जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया, जब एक युवक कथित झूठे मुकदमे और पारिवारिक जमीन विवाद से परेशान होकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। देखते ही देखते यह मामला हाई वोल्टेज ड्रामे में बदल गया और करीब पांच घंटे तक पूरा इलाका सांस थामे इस घटनाक्रम को देखता रहा। युवक टावर के ऊपर से लगातार न्याय की मांग करता रहा, जबकि नीचे ग्रामीणों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी भीड़ जुटी रही।

जानकारी के अनुसार बहेड़ी थाना क्षेत्र के हावीडीह गांव निवासी 28 वर्षीय अमरजीत यादव लंबे समय से पारिवारिक जमीन विवाद और कथित झूठे केस को लेकर मानसिक तनाव में था। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक खुद को साजिश के तहत फंसाए जाने की बात कह रहा था। इसी नाराजगी और तनाव के बीच उसने गुरुवार को गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक टावर पर चढ़ने के बाद जोर-जोर से अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। वह उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा था, जिन पर उसने झूठे मामले में फंसाने और जमीन विवाद में परेशान करने का आरोप लगाया। युवक बार-बार प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगा रहा था।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव और आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोग दूर-दूर से यह देखने के लिए जमा हो गए कि आखिर युवक टावर से नीचे उतरता है या नहीं। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका लोगों की भीड़ से भर गया।

सूचना मिलने के बाद बहेड़ी थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता और अंचलाधिकारी धनश्री बाला ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। अधिकारियों ने युवक को समझाने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन वह लगातार अपनी मांगों पर अड़ा रहा और नीचे उतरने से इनकार करता रहा। प्रशासन को डर था कि यदि युवक ने कोई गलत कदम उठा लिया तो बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने युवक के करीबी लोगों और परिजनों से भी संपर्क किया। काफी देर तक चले समझाने-बुझाने के बाद भी जब युवक नहीं माना, तब उसके गुरु जटाशंकर झा उर्फ दुखी को बुलाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार युवक अपने गुरु का काफी सम्मान करता था। गुरु ने मौके पर पहुंचकर माइक के जरिए अपने शिष्य से बात की और उसे भरोसा दिलाया कि उसकी समस्या को गंभीरता से सुना जाएगा और प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा।

करीब पांच घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार युवक अपने गुरु की बात मान गया। उसने धीरे-धीरे नीचे उतरना शुरू किया। युवक के सुरक्षित नीचे आते ही वहां मौजूद लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। पुलिसकर्मियों ने तुरंत युवक को अपने संरक्षण में लिया और उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहेड़ी भेजा गया, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

डॉक्टरों के अनुसार युवक मानसिक तनाव की स्थिति में था, हालांकि उसकी शारीरिक स्थिति सामान्य पाई गई। इलाज के बाद उसे थाने लाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ की। पूछताछ में युवक ने बताया कि जमीन विवाद और कथित झूठे मुकदमे के कारण वह लंबे समय से परेशान था और मानसिक दबाव में आकर उसने यह कदम उठाया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने युवक से लिखित आवेदन लिया और उसकी शिकायतों की जांच कराने का आश्वासन दिया। बाद में पीआर बांड भरवाने के बाद युवक को उसके परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर गलत तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।

घटना के बाद पूरे इलाके में इसी मामले की चर्चा होती रही। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन विवाद और आपसी रंजिश के कारण गांवों में कई बार तनावपूर्ण स्थिति बन जाती है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते विवादों का समाधान नहीं हो, तो ऐसे मामले गंभीर रूप ले सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पारिवारिक और जमीन संबंधी विवाद ग्रामीण इलाकों में मानसिक तनाव का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। कई बार लोग न्याय नहीं मिलने की भावना में आकर आत्मघाती या खतरनाक कदम उठा लेते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासनिक हस्तक्षेप और सामाजिक संवाद बेहद जरूरी माना जाता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई की सराहना भी की। उनका कहना है कि यदि पुलिस और अधिकारियों ने धैर्य नहीं दिखाया होता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि गांव स्तर पर विवाद समाधान की मजबूत व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि लोग इस तरह के कदम उठाने को मजबूर न हों।

फिलहाल युवक अपने घर लौट चुका है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। घटना के बाद गांव में चर्चा और उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। लोग इस बात को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं कि आखिर एक युवक को इस तरह टावर पर चढ़ने जैसी स्थिति तक पहुंचाने के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार रहे।

यह भी पढ़ें: गोपालगंज वायरल वीडियो केस में बढ़ीं अनंत सिंह की मुश्किलें

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *